Sunday, May 17, 2015

व्हाट्सएप्प - भाग-6

गतांक से आगे ....

राधिका  " मतलब आप नहीं जानते? "
श्याम  " नहीं उस परीक्षा का क्या? "
राधिका  " उसका रिजल्ट आ गया, और आप पास भी हो गए हैं, तो बनती है ना मिठाई? "
श्याम  " क्या बात कर रही हैं आप? आपको कैसे पता आपको मेरा रोल नंबर कैसे पता चला कि आपने मेरा रिजल्ट देख लिया? "
राधिका  " आपने जो फर्जी वाला एडमिट कार्ड भेजा था उसपर केवल डेट बदला था जबकि रोल नंबर के साथ सारे डिटेल्स सही थे मैंने उसी की मदद से देखा "
श्याम  " अच्छा! मैं भी देखता हूँ  "
राधिका  " ठीक है, देखिये फिर बताइए की पार्टी कब है? "
श्याम ने तुरंत अपना रिजल्ट देखा और रिप्लाई किया
श्याम  " अभी तो इंटरव्यू बाकी ही है "
राधिका  " जैसे ये हुआ वैसे ही इंटरव्यू भी हो जायेगा, आप बस ये बतईये कब दे रहे हैं पार्टी? "
श्याम  " आपको कब चाहिए? "
राधिका  " जब आप दें "
श्याम  " ठीक है आ जाइये, मै पार्टी दे देता हूँ "
राधिका  " अभी तो नहीं आ सकती पर जब मै आपसे मिलूंगी तब लुंगी पार्टी "
श्याम  " ठीक है "
उसके बाद श्याम जी जान से अपने इंटरव्यू के लिए तैयारी करने लगा | और उसको अपने मेहनत का फल भी मिला, अब वो बैंक के ब्रांच पर सहायक शाखा प्रबंधक के पद पर तैनात हो गया था | नौकरी मिलने के बाद राधिका और श्याम के बीच में दिन को तो बात नहीं हो पाती थी पर रात में दोनों जरुर बात करते थे | धीरे-धीरे कई महीने बीत गए और उधर मोहन की शादी की सालगिरह भी आ गयी | मोहन को ये तो पता था की श्याम की जिंदगी में कोई है पर कौन है उसे ये नहीं पता था | सालगिरह की पार्टी के लिए मोहन ने सबको बुलाया जिसमे उसने अपनी छोटी बहन के पुरे परिवार को भी बुलाया, सब तो आ चुके थे पर अभी तक राधिका का कोई समाचार नहीं था जबकि श्याम सालगिरह की पार्टी के एक दिन पहले आने वाला था | सारी तैयारियां हो चुकी थी जब मोहन ने आखिरी बार राधिका को बुलाने के लिए फ़ोन किया
मोहन  " हेल्लो ! राधिका जी आप कब आ रही हैं यहाँ ? "
राधिका  " भैया मै तो एक ही शर्त पर आउंगी जो आपको मनना पड़ेगा "
मोहन  " पहले शर्त तो बताइए "
राधिका  " शर्त ये है की किसी को पता नहीं चलना चाहिए कि मै आ रही हूँ और श्याम ही मुझे लेने रेलवे स्टेशन आये "
मोहन  " ये कैसी शर्त है? "
राधिका  " उन्होंने मुझे भाभी की शादी की सालगिरह में मुझे सरप्राइज दिया था "
मोहन  " तो उसका यहाँ क्या लेना देना है? "
राधिका  " तो उस समय मैंने उन्हें एक सरप्राइज देने का वादा किया था "
मोहन  " पर मुझे उसे ये तो बताना पड़ेगा न कि आपको रेलवे स्टेशन लेने जाना है उसे? "
राधिका  " कोई बहाना बना दीजिये ये आपके ऊपर है "
मोहन  "  ठीक है देखते हैं पर आप आ रही हैं ना? "
राधिका  " आपको ये शर्त मंजूर है या नही? "
मोहन  " ठीक है "
राधिका  " ठीक है मै आ रही हूँ, और एक बात किसी को भी पता नहीं चलना चाहिए की मै आ रही हूँ "
मोहन  " कब? "
राधिका  " सालगिरह वाले दिन सुबह ४ बजे की गाड़ी से "
मोहन  " ठीक है, मै श्याम से बात करता हूँ "
राधिका  " ठीक है " 

अगले भाग में जारी ....

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