ये सुन कर भी
श्याम को विश्वास नहीं हुआ वो अभी भी बिना पलकें झपकाए राधिका की तरफ देखता जा रहा
था
राधिका " हेल्लो ! क्या हुआ? मुझे देख कर
ख़ुशी नहीं हुई क्या?
"
अब तक श्याम
थोडा संभल चुका था
श्याम " हं... क्यों..क्यों नहीं, बहुत ख़ुशी हुई
"
राधिका " बोला था ना की मै आपको सरप्राइज दूंगी
"
श्याम " हाँ बोला तो था "
राधिका " तो कैसा लगा मेरा सरप्राइज ? "
श्याम " हं... ब...बहुत अच्छा "
राधिका " आगे आगे देखिये होता है क्या? "
श्याम " क्या मतलब? "
राधिका " कुछ नहीं, चलें?
"
श्याम " हाँ -हाँ चलते हैं "
फिर दोनों स्टेशन के बाहर निकल गए | आज पहली बार
श्याम की बाइक के पीछे वाली सीट पर राधिका बैठी थी, और श्याम इस बात पर विश्वास नहीं कर पा रहा था | अचानक एक
सुनसान जगह पर राधिका ने बाइक रोकने के लिए कहा, और श्याम कुछ सोचते हुए बाइक को सड़क के किनारे खड़ा कर दिया | राधिका उतर गयी
और आने बैग से एक जैकेट निकल कर पहनने लगी
तभी श्याम का मोबाइल बज उठा श्याम ने देखा मोहन का कॉल था, उसने फ़ोन उठाया
श्याम " हेल्लो ! हाँ भैया बोलिए "
मोहन " ट्रेन आ गयी या नहीं? "
श्याम " आ गयी और हम यहाँ से निकल चुके हैं घंटे
भर में घर पहुच जायेंगे "
मोहन " तो कैसा लगा सरप्राइज? "
श्याम " अच्छा ! तो ये आपकी मिली-भगत से हुआ है, आईडिया किसका
था? "
मोहन " राधिका का, मैंने तो बस
अपना पार्ट निभाया है "
राधिका ने तब तक अपना एक कदम श्याम की ओर बढाया और उसके
बालों को पकड़ कर अपनी तरफ खींचा जिस से श्याम आगे की तरफ थोडा झुक गया और उसी समय
राधिका ने अपने होंठो को श्याम के होंठों पर रख दिया....
श्याम " अच्.......... "
श्याम " ये क्या? “उसने राधिका को धक्का देकर अपने से दूर किया और पूछा
राधिका " तुम्हारे लिए, अब मै भी
तुम्हे अपने दोस्त से ज्यादा मानती हूँ "
मोहन " श्याम-श्याम क्या हो रहा है ? "
राधिका " अब ये मत कहना की आपने मुझे अपने दिल से
निकाल दिया है "
श्याम " नहीं-नहीं आप मेरा पहला और आखिरी प्यार
हैं "
मोहन " क्या हो क्या रहा है वहां "
श्याम (मोहन से
) " मै घर पहुच कर बात करता हूँ "
मोहन " सब ठीक है ना? "
श्याम " हाँ सब ठीक है मै आकर बात करता हूँ
"
और श्याम ने
फ़ोन काट दिया
श्याम " ये क्या था ? "
राधिका " आपके सवाल का जवाब "
श्याम " मैंने सवाल कब पूछा? "
राधिका " उस दिन जिस दिन आपने मैसेज किया था
"
श्याम " उस दिन मैंने कोई सवाल नहीं पूछा था बस
अपनी भावनाएं व्यक्त की थीं "
राधिका " ओके-ओके तो मैंने भी अपनी भावनाएं ही
व्यक्त की हैं "
श्याम "
ठीक है, अब
चलते हैं वर्ना देर हो जाएगी " अगले भाग में जारी ....
No comments:
Post a Comment